सरकारी विभागों से यदि जल्द सुझाव प्राप्त हो गए तो उत्तराखंड की इलेक्ट्रिक वाहन नीति अगले महीने में आ जाएगी। उद्योग विभाग ने नीति का मसौदा तैयार किया है और अब उसे विभागों की प्रतिक्रिया मिलने का इंतजार है।
सेतु आयोग की पहल पर नीति के मसौदे में कुछ प्रभावी सुझाव शामिल किए गए हैं। सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी के मुताबिक, उत्तराखंड अर्थव्यवस्था और पर्यावरण की दृष्टि से ईवी नीति आवश्यक और समय के अनुकूल है। सरकार की ओर से इसे जल्द से जल्द लागू करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
काफी विचार-विमर्श और अध्ययन के बाद नीति का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इस बारे में ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुडे़ उद्यमियों से संवाद भी किया गया है। उनके सुझावों के साथ नीति को आकर्षक, प्रभावी और भविष्योन्मुखी बनाया गया है। अब नीति के बारे में विभागों से आंतरिक चर्चा चल रही है। सरकारी वाहनों के बेड़े में ईवी भी शामिल होंगी। इसलिए विभागों की राय इसमें काफी अहम है। हम उम्मीद कर रहे हैं विभागों से नीति के बारे में जल्द चर्चा पूरी हो जाएगी। – राजशेखर जोशी, उपाध्यक्ष, सेतु आयोग