भारी बारिश में भारत-चीन सीमा पर बन रही एक सड़क बहने के मामले में 71 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश हुआ है। सड़क निर्माण करने वाली कंपनी ने प्राकृतिक आपदा की आशंका से बीमा करवाया था, लेकिन सड़क बहने के बाद बीमा कंपनी ने भी पल्ला झाड़ लिया। यह कहकर दावा खारिज कर दिया कि बारिश से होने वाला नुकसान पॉलिसी में कवर नहीं होता।
इस मामले में 12 साल बाद निर्माण कंपनी को राहत और बीमा कंपनी को बड़ा झटका लगा है। राज्य उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी माना है। आयोग की अध्यक्ष कुमकुम रानी ने कहा कि बीमा कंपनी ने यदि सभी तरह के जोखिमों के लिए प्रीमियम नहीं लिया था तो यह बीमा कंपनी की गलती थी। इसके लिए शिकायतकर्ता को मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता।