देहरादून। उत्तराखंड सरकार की नीतिगत दिशा और हरित विकास एजेंडा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय की संभावना भी है, जो प्रदेश के विकास को नई दिशा भी दे सकते हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ऊर्जा विभाग की भूतापीय ऊर्जा नीति, ग्रीन हाइड्रोजन नीति व इलेक्ट्रिक वाहन नीति को कैबिनेट के सामने पेश भी किया जा सकता है।
इन तीनों प्रस्तावों को राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता व पर्यावरणीय संतुलन के लिहाज से बेहद अहम भी माना जा रहा है।
विधानसभा सत्र से पहले रिपोर्टों को मिल सकती है मंजूरी
कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन और रिपोर्टों को भी स्वीकृति भी मिल सकती है, जिन्हें आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। यह प्रक्रिया प्रशासनिक पारदर्शिता व उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए जरूरी भी मानी जा रही है।
हरित विकास को मिल सकता है नया आयाम
ऐसा माना जा रहा है कि बैठक में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए नई ऊर्जा नीतियों को हरी झंडी भी दी जा सकती है।
इससे न सिर्फ राज्य में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तराखंड को हरित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।
विशेषज्ञों की नजर कैबिनेट फैसलों पर
नीतिगत फैसलों को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ये प्रस्ताव पारित होते हैं, तो उत्तराखंड में ई-मोबिलिटी, सस्टेनेबल एनर्जी व क्लाइमेट रेजिलिएंट प्लानिंग को बड़ा बल भी मिलेगा।
राज्य सरकार की इस पहल से स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव और भी मजबूत होगी।
प्रदेश के विकास को तय करेगी आज की बैठक
यह बैठक आने वाले समय में उत्तराखंड की विकास नीतियों व ऊर्जा दृष्टिकोण को न सिर्फ परिभाषित करेगी, बल्कि पर्यावरण व तकनीक के संतुलन को लेकर सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का संकेत भी देगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक के निर्णयों को लेकर खासा उत्साह और उत्सुकता भी बनी हुई है।