चारधाम यात्रा मार्ग को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के मुख्य सचिव ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग से कूड़ा हटाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाए। इस फैसले से खासकर वन विभाग को राहत मिलेगी, क्योंकि उनके आरक्षित वन क्षेत्रों में कूड़े का ढेर जमा है, लेकिन सफाई के लिए अब तक कोई अलग बजट नहीं था।
सफाई कार्य में मिलेगा वित्तीय समर्थन
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में चारधाम यात्रा मार्ग पर फैले कूड़े की समस्या को गंभीरता से उठाया गया। यात्रा मार्ग की सफाई को लेकर पीसीबी के अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम और नगर पालिकाओं के पास सफाई के लिए बजट होता है, लेकिन नगर पंचायत और वन विभाग जैसे अन्य संस्थानों के पास इसके लिए संसाधनों की कमी है। अब मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद इन संस्थाओं को कूड़ा हटाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
पर्यावरणीय और वन्यजीवों पर पड़ने वाला असर
पीसीबी के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि वनों में बढ़ता कूड़ा न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि यह वन्यजीवों के जीवन के लिए भी जोखिम बनता जा रहा है। इसके अलावा, जंगलों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए यह स्थिति और भी चिंताजनक बन गई है।
यात्रा मार्ग की अन्य तैयारियां
सरकारी विभागों ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच) और अन्य विभाग खराब रास्तों की मरम्मत में जुटे हैं। मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद अब यात्रा मार्ग की स्वच्छता और सुरक्षा की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।