उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करते हुए इसे गरीब मुस्लिम समुदाय के लिए एक क्रांतिकारी कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय वक्फ कानून को संविधान से ऊपर रखा गया था, लेकिन अब बीजेपी सरकार के संशोधन बिल से उस गलत निर्णय को सुधारा गया है। इसके माध्यम से वक्फ की संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा और उनका लाभ गरीब पसमंदा मुस्लिमों के कल्याण के लिए मिलेगा।
भट्ट ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया
महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने तुष्टिकरण की नीति अपनाते हुए वक्फ बोर्ड को असीमित अधिकार दिए थे, जिसके चलते बोर्ड किसी भी जमीन पर अपना दावा कर सकता था और पीड़ित व्यक्ति को न्यायालय में अपील करने का अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि कई वक्फ अधिकारी, जिनमें अधिकतर कांग्रेस और विपक्षी नेता शामिल थे, ने दान की गई भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन संपत्तियों का सामाजिक कल्याण के लिए कभी उपयोग नहीं किया गया, न तो कोई अस्पताल या स्कूल बने और न ही कोई अन्य सामाजिक कार्य हुआ।
वक्फ संशोधन कानून में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व
भट्ट ने कहा कि बीजेपी सरकार ने वक्फ संशोधन कानून लाकर मुस्लिम गरीब समुदाय और महिलाओं के उत्थान के लिए कदम उठाए हैं। इस कानून से वक्फ बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता लाने, वक्फ की संपत्तियों को कब्जा मुक्त करने और उनका लाभ सीधे गरीबों तक पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस बिल में मातृ शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है, और यह कानून वक्फ को अब संविधान के दायरे में लाएगा, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों ने संविधान से ऊपर रखा था।
संवैधानिक प्रक्रिया का पालन
महेंद्र भट्ट ने बताया कि इस बिल को तैयार करते समय पूरी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया। 96 लाख याचिकाओं पर विचार किया गया, 284 डेलिगेशनों से सुझाव लिए गए और जेपीसी में सभी राजनीतिक दलों और प्रभावित पक्षों से विस्तृत चर्चा की गई।
विपक्ष की राजनीति पर पलटवार
विपक्ष द्वारा किए गए विरोध को तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित बताते हुए भट्ट ने कहा कि वक्फ संपत्ति किसी व्यक्तिगत स्वामित्व में नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए दान की गई संपत्ति है। कांग्रेस और विपक्षी दल मुस्लिम समुदाय को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कानून मस्जिदों, कब्रिस्तानों या ईदगाहों के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के खिलाफ है जिन्होंने वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जा किया है।
सुधारात्मक कदम की सराहना
अंत में, महेंद्र भट्ट ने कहा कि बीजेपी सरकार ने एक सुधारात्मक बिल लाया है, जो उत्तराखंड के गरीब मुस्लिम समुदाय में उत्साह का माहौल बना रहा है। इस बिल के जरिए कानूनी बराबरी सुनिश्चित की जाएगी और वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग गरीबों के लिए किया जाएगा।