हरिद्वार: माघी पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी में पवित्र गंगा में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। माघ माह की इस अंतिम पूर्णिमा तिथि को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है, और इस दिन गंगा स्नान से सभी पापों का नाश होने की मान्यता है।
श्रद्धालुओं ने इस दिन विशेष पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस दिन तीर्थों के स्वामी भगवान विष्णु को ‘ॐ विष्णवे नमः’ मंत्र का जाप करते हुए प्रणाम किया जाता है। इसके बाद श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान करते हैं।
माघी पूर्णिमा पर इस वर्ष कल्पवास कर रहे भक्तों ने भी इस महामंत्र का जाप किया और अपनी यात्रा के अंतर्गत अपने स्थायी निवास की ओर लौटे।
पितरों को अर्पित दान
माघ पूर्णिमा के दिन, श्रद्धालु पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और दान करते हैं। विशेष रूप से सफेद वस्त्रों का दान करना पितरों की कृपा प्राप्त करने और पितृ दोष से मुक्ति पाने का माध्यम माना जाता है। अन्न और वस्त्रों का दान पितरों की प्रसन्नता के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस दिन हरिद्वार में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और धार्मिक आस्था के प्रतीक इस आयोजन ने न केवल शांति और समृद्धि की कामना की, बल्कि समाज में परंपराओं को भी मजबूत किया।