अभिसूचना मुख्यालय उत्तराखंड में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें “मिलेट मैन ऑफ इंडिया” के रूप में प्रसिद्ध डॉ. खादर वली ने मोटे अनाज (श्रीधान्य) के सेवन के स्वास्थ्य लाभों पर अपने विचार और अनुभव साझा किए। इस अवसर पर डॉ. वली ने मिलेट्स को भारतीय कृषि और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताते हुए इसके महत्व को स्पष्ट किया।
स्वस्थ जीवनशैली के लिए मिलेट्स का सेवन जरूरी
अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डॉ. खादर वली का स्वागत किया और कहा,
“मोटे अनाज के सेवन के प्रचार से न केवल राष्ट्र, बल्कि पूरी मानवता को लाभ होगा। मिलेट्स से न केवल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है, बल्कि यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों से बचाव में सहायक हैं।”
मोटे अनाज को आहार में शामिल करने की आवश्यकता
डॉ. वली ने अपने संबोधन में कहा,
“मोटे अनाज भारतीय कृषि और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। यदि आपका भोजन सही है तो दवा की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि भोजन गलत है तो दवा का कोई असर नहीं होता।”
उन्होंने लोगों से मिलेट्स को अपनी डाइट में शामिल करने की अपील की और इसके स्वास्थ्य लाभों पर जोर दिया।
सम्मान और संकल्प
कार्यक्रम के अंत में अपर पुलिस महानिदेशक वी मुरूगेशन ने डॉ. खादर वली को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने मिलेट्स को अपने आहार का हिस्सा बनाने और इसके प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। सभी उपस्थित अधिकारियों ने मिलेट्स के लाभों को अपने जीवन में लागू करने का वचन लिया।
इस कार्यक्रम में अन्य कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को महसूस किया।