उत्तराखंड सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने और युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य उच्च शिक्षा परिषद की 12वीं बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनका उद्देश्य प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर करियर विकल्प उपलब्ध कराना है।
उद्योग-शिक्षा गठजोड़ होगा मजबूत
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में उद्योग-शिक्षा के बीच तालमेल को बढ़ाया जाएगा। इसके तहत नए और प्रासंगिक पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे, ताकि छात्र सीधे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो सकें। साथ ही कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों को क्रेडिट फ्रेमवर्क के अंतर्गत जोड़ा जाएगा।
ई-बुक सुविधा और सेमिनार अनिवार्य
प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में ई-बुक्स की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है, जिससे छात्रों को डिजिटल संसाधनों का बेहतर उपयोग मिल सके। इसके अतिरिक्त, हर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में नियमित सेमिनार आयोजित करने की योजना भी बनाई गई है, ताकि छात्रों और शिक्षकों के बीच अकादमिक संवाद और जागरूकता बढ़ाई जा सके।
स्वास्थ्य के लिए ओपन जिम, पैकेज्ड फूड पर रोक
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय परिसरों में ओपन जिम स्थापित करने का निर्णय लिया। साथ ही, पैकेज्ड फूड और रिफाइंड शुगर जैसे उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिससे छात्रों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा सके।
तीन नए महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव
राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार के तहत पिथौरागढ़, श्रीनगर और देहरादून (बालावाला) में तीन नए महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इससे दूरवर्ती क्षेत्रों के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।
डॉ. धन सिंह रावत का वक्तव्य
डॉ. रावत ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना है। उच्च शिक्षा में उद्योगों की जरूरतों को समाहित करके ही हम छात्रों को रोजगार के लिए तैयार कर सकते हैं।”