देहरादून । आम आदमी पार्टी के राष्ट्रव्यापी पोस्टर अभियान के तहत उत्तराखंड आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी शिरकत की और देहरादून राजधानी में ‘मोदी हटाओ देश बचाओ’ स्लोगन लिखे पोस्टर लगाए। कार्यकर्ताओं ने पोस्टर हाथों में लेकर विभिन्न इलाकों में रैली भी निकाली।
इससे पहले पोस्टर अभियान की शुरुआत करते हुए आम आदमी पार्टी उत्तराखंड के प्रदेश संगठन समन्वयक जोत सिंह बिष्ट ने पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश आजादी के 76 वर्ष पूरा करने की ओर बढ़ रहा है। देश को आजादी दिलाने के लिए आजादी की लड़ाई में हमारे महान शहीद हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए थे। उनका सपना था कि जिस दिन हमारा देश आजाद होगा, उसके बाद अशिक्षा दूर होगी और भारत एक शिक्षित राष्ट्र बनेगा। देश के लोगों को अपने इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। \ नौजवानों को भरपूर रोजगार मिलेगा, किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलेगा। 75 वर्ष बीतने के बाद आज देश के जो हालात हैं उसके मद्देनजर लोगों का यह सपना पूरा नहीं हो सकता। और प्रधानमंत्री मोदी के रहते यह सपना कतई पूरा नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा कि देश पर जब अंग्रेजों की हुकूमत थी, उस समय अंग्रेजों के खिलाफ कोई पर्चा नहीं बांट सकता था, पेपर नहीं निकाल सकता था। भारत की आजादी के रणबांकुरे वीरों की आवाज को कुचलने के लिए उस समय अंग्रेजों ने जो कानून बनाए थे आज फिर उसी कानून का सहारा लेकर देश की जनता की आवाज को कुचला जा रहा है। संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है, विपक्ष की आवाज को कुचलने के लिए फर्जी मुकदमों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। ईमानदार नेताओं की छवि खराब करने के लिए उनको बिना अपराध जेल में डाल जा रहा है। भ्रष्ट और अपराधों में लिप्त नेताओं के लिए मोदी के नेतृत्व में भाजपा वाशिंग मशीन बन गई है। देश के किसानों के ऊपर जबरदस्ती तीन काले कानून लगाए गए, किसानों ने एक साल आंदोलन किया। सरकार ने उनसे वादा किया कि देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानून का दर्जा देंगे, मगर ऐसा नहीं हुआ। बेरोजगार नौजवान सड़कों पर लठियों से पीट जा रहा है। देश में मजदूर दयनीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं। भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने असेंबली में बम इसलिए फेंका था कि मजदूरों के खिलाफ सेफ्टी बिल लाया जा रहा था। आज मजदूरों के सारे कानून और अधिकारों को खत्म कर केवल चार कानून में समेट दिया है।
श्री बिष्ट ने कहा कि जहां-जहां प्रधानमंत्री मोदी गए, वहां-वहां अडानी का साम्राज्य विकसित करते रहे हैं। आडानी ने अपनी फर्जी कंपनियों के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट की है। अडानी के कारण स्टेट बैंक और एलआईसी की हालत दयनीय हो गई है, लेकिन मोदी सरकार अडानी की जांच करने के बजाय क्लीन चिट देकर मौन साध गई है।